*ज्ञापन देने गए ग्रामीण ज्ञापन लेने से तहसीलदार किया इनकार*
*अमगांव के परिवारों ने लिया निर्णय भू-विस्थापितों के विभिन्न मांगों को देंगे पूर्ण समर्थन*
आज दिनांक 26 नवंबर 2020 को अमगांव के पीड़ित परिवारों ने हरदीबाजार के नायाब तहसीलदार को अपनी नापी हुए मकानों की मुआवजा को लेकर एक ज्ञापन देने गए लेकिन हरदीबाजार के नायब तहसीलदार महोदय ने ज्ञापन लेने से साफ-साफ इनकार कर दिया। जबकि कोई भी पीड़ित व्यक्ति किसी भी संबंधित विभाग में अपनी समस्या को लेकर गुहार लगाने जाता है तो उस आवक-जावक या उससे संबंधित जो अधिकारी होते हैं उनका आवेदन को स्वीकृत का पावती दिया जाता है।
ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति संगठन के गेवरा इकाई के सह-सचिव ललित महिलांगे ने बताया कि अमगांव पंचायत के 111 आश्रित परिवारों की मुआवजा को साढ़े 5 सालों से एसईसीएल ने ये कह कर रोका है की नायब तहसीलदार अनुविभागीय अधिकारी का लिखित आदेश नहीं मिला है मुआवजा का भुगतान संभव नहीं है जिसे लेकर आज नायब तहसीलदार हरदीबाजार को पीड़ित परिवारों के साथ ज्ञापन देने गए लेकिन नायब तहसीलदार महोदय आवेदन लेने से इनकार कर दिया वजह किसी व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत की है और इस शिकायत को आधार बनाकर पीड़ित परिवारों की आवेदन को लेने से इंकार कर दिया जोकि बहुत ही गलत है। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से किया जाएगा क्योंकि न्यायालय तहसील एक मंदिर है और मंदिर में इस तरह का व्यवहार किसी भी पीड़ित व्यक्ति के साथ कभी नहीं होता।
महिलांगे जी ने यह भी बताया कि 28 नवंबर 2020 को भू-विस्थापितों के विभिन्न मांगों को लेकर खदान बंद करने का ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति संगठन ने निर्णय लिया है इस बंद के आह्वान को पूरा सफल बनाने में अमगांव पंचायत से प्रभावित परिवारों ने भारी संख्या में इकट्ठा होकर पूर्ण समर्थन देने का फैसला लिया है।
ज्ञापन देने में उपस्थित वैशाखी प्रसाद शीतल कुमार हरिश्चंद्र दशरथ मनोज अनिल सुखित और समस्त प्रभावित परिवार शामिल थे।
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