कोरबा. मोहब्बत जब परवान चढ़ता है तो सरहदें कोई मायने नहीं रखती. ऐसा ही किस्सा छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरबा (Korba) जिले के रहने वाले सोहम के साथ हुआ. फेसबुक (Facebook) पर अमेरिका (America) की रेने पाटिन से उसकी दोस्ती कब प्यार (Love) में बदल गई इसका पता उसको भी नहीं चला. दोस्ती के तकरीबन आठ साल बाद दोनों ने अपने रिश्ते को और मजबूत करते हुए वेलेंटाइन वीक (Valentine Week) में शादी रचा ली. शादी के लिए रेने खुद अमेरिका से यात्रा कर कोरबा पहुंची थी. हिंदू रीति रिवाज से हुई शादी (Marriage) में रेने ने माथे पर लाल सिंदूर और अपने पति का हाथ थाम रखा था. इस दौरान उसकी मुस्कुराहट ये बताने के लिए काफी थी कि सात समंदर की दूरियां भी मोहब्बत को परवान चढ़ने से नहीं रोक सकती.
दरअसल, अमेरिका से शादी रचाने अमेरिका की रहने वाली रेने पाटिन कोरबा पहुंची. बालको (BALCO) में कार्यरत सोहम की अमेरिका में रहने वाली रेने से फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई. आठ साल तक दोनों एक-दूसरे से चैटिंग करते रहे. इस बीच कब दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे, पता नहीं चला. इस बीच दोनों ने इस मोहब्बत को शादी के पवित्र रिश्ते में बदलने का बड़ा फैसला लिया. बस फिर क्या था, एक-दूसरे से मिलने की बेताबी ने रेने को सात समंदर पार कर कोरबा आने को मजबूर कर दिया और वेलेंटाइन वीक पर सोहम के साथ आर्य मंदिर में वैदिक रीति-रिवाजों को साक्षी मानकर परिणय सूत्र में बंधे.
कोरबा के शारदा विहार में रहने वाले सोहम सरकार और अमेरिका के एलाबामा की दाना रेने पाटिन की लव स्टोरी बड़ी दिलचस्प है. शादी के बंधन में बढ़ने के लिए सोहम के एक मित्र की अहम भूमिका रही. दरअसल, सोहम का दोस्त अमेरिका में रहता है और रेने उन्हीं की पड़ोस में रहती हैं. उस दोस्त के जरिए ही रेने और सोहम की मुलाकात हुई और सोशल मीडिया में चैटिंग करने का सिलसिला शुरू हुआ. दोस्ती गहरी होने के साथ उनके बीच एक नया रिश्ता बन गया. तकरीबन आठ साल लगातार चैटिंग के बाद दोनों ने एक-दूसरे से विवाह करने का फैसला लिया.
कोरबा के रहने वाले सोहम सरकार और अमेरिका के एलाबामा की रहने वाली दाना रेने पाटिन की लव स्टोरी बड़ी दिलचस्प है
आठ साल चैटिंग के जरिए एक-दूसरे को समझने और जानने के बाद दोनों ने एक होने का फैसला किया. इसके बाद रेने 20 फरवरी तक के लिए वीजा लेकर भारत आई और उसने हिंदू रीति से सोहम के संग सात फेरे लिए. अपना अनुभव साझा करते हुए रेने ने बताया कि उनके लिए शादी होने तक यहां निभाया गया हर रिवाज काफी उत्सुकता भरा था. पहले हल्दी लगाने की रीति फिर मेहंदी और खासकर पिता का अपनी कन्या का हाथ वर के हवाले करने की परंपरा ने उन्हें काफी रोमांचित किया. हालांकि भारतीय रीति रिवाज निभाने में रेने को थोड़ी कठिनाई तो हुई, लेकिन उनके पीछे छुपे गूढ़ बातों को जानकर काफी अच्छा लग रहा था. रेने का वीजा 20 फरवरी तक का है, लिहाजा वो उससे पहले अमेरिका लौटकर वहां अपने नए जीवन की शुरुआत करना चाहती हैं.
आठ साल चैटिंग के जरिए एक-दूसरे को समझने और जानने के बाद रेने और सोहम ने एक होने का फैसला कर लिया
जब प्यार पहुंचा शादी तक...
रेने ने जब अपने माता-पिता को सोहम से रिश्ते के बारे में बताया तो वो राजी-खुशी अपनी बेटी की खुशी के लिए राजी हो गए. इसके बाद वो वीडियो कॉल के जरिए सोहम के माता-पिता और उसके परिवार से रूबरू हुए. सोहम से रेने की मां ने पूछा था कि उसके मन में क्या है? सोहम ने जब रिश्ते को लेकर गंभीरता दिखाई तो उसके माता-पिता खुशी-खुशी विदेशी बाला से अपने बेटे की शादी के लिए राजी हो गए. रेने और सोहम ने अपने-अपने परिवारों की रजामंदी लेकर नए जीवन की शुरुआत की है.
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