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​बांकीमोंगरा के लाल ने किया कमाल: JEE Main 2026 में नमन अग्रवाल का ऐतिहासिक जलवा

कोरबा/छत्तीसगढ़ 

कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण अटूट हो, तो संसाधनों की कमी या छोटे शहर की सीमाएं सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकतीं। छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी जिला कोरबा के अंतर्गत आने वाले बांकीमोंगरा क्षेत्र के एक मध्यमवर्गीय परिवार के होनहार छात्र नमन कुमार अग्रवाल ने इस बात को सच कर दिखाया है। देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के परिणाम घोषित होते ही नमन की सफलता ने पूरे अंचल को गौरवान्वित कर दिया है।

आंकड़ों में नमन की शानदार सफलता

​नमन ने इस परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 99.4787990 परसेंटाइल स्कोर किया है। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 8431वीं ऑल इंडिया रैंक (CRL) हासिल की है।

​विषयवार विश्लेषण देखें तो नमन का प्रदर्शन संतुलित और असाधारण रहा है:

  • ​गणित (Mathematics): 99.54 परसेंटाइल
  • ​फिजिक्स (Physics): 99.10 परसेंटाइल
  • ​केमिस्ट्री (Chemistry): 97.23 परसेंटाइल

JEE Advanced के लिए हुए क्वालीफाई

​इस बेहतरीन स्कोर के साथ ही नमन ने JEE Advanced 2026 के लिए गौरवशाली तरीके से क्वालीफाई कर लिया है। अब उनका अगला लक्ष्य देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में जगह बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह का स्कोर नमन ने मुख्य परीक्षा में हासिल किया है, उससे उनके उज्जवल भविष्य और टॉप IITs में प्रवेश की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।

परिवार और क्षेत्र में हर्ष का माहौल

​जैसे ही नमन की सफलता की खबर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैली, बांकीमोंगरा स्थित उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। नमन के पिता उमेश कुमार अग्रवाल और माता सरिता अग्रवाल अपने बेटे की इस उपलब्धि पर भावुक नजर आए।

​"नमन बचपन से ही मेधावी रहा है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी खूबी उसका अनुशासन है। उसने दिन-रात एक कर इस परीक्षा की तैयारी की थी, और आज उसकी मेहनत रंग लाई है।" — उमेश कुमार अग्रवाल (पिता)


छोटे शहर के छात्रों के लिए बने प्रेरणापुंज

​अक्सर यह माना जाता है कि बड़े महानगरों और महंगे कोचिंग हब से ही रैंकर्स निकलते हैं, लेकिन नमन ने बांकीमोंगरा जैसे छोटे औद्योगिक क्षेत्र से निकलकर इस धारणा को तोड़ दिया है। उनकी यह सफलता न केवल कोरबा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन छात्रों के लिए एक मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं।

​वर्तमान में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और मित्रों द्वारा नमन को लगातार बधाइयां दी जा रही हैं। लोग इसे बांकीमोंगरा के शैक्षणिक इतिहास के लिए एक स्वर्णिम क्षण बता रहे हैं।

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