कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है। [1][2][3] गाय और सूअर में इनके कारन अतिसार हो सकता है जबकि इनके कारण मुर्गियों के ऊपरी श्वास तंत्र के रोग उत्पन्न हो सकते हैं। इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या विषाणुरोधी (antiviral) अभी उपलब्ध नहीं है और उपचार के लिए प्राणी की अपने प्रतिरक्षा प्रणालीपर निर्भर करता है। अभी तक रोगलक्षणों (जैसे कि निर्जलीकरण या डीहाइड्रेशन, ज्वर, आदि) का उपचार किया जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे।
| कोरोनावायरस Coronavirus | |
|---|---|
| 2019 nCoV virion का चित्र द्वारा प्रदर्शन | |
| विषाणु वर्गीकरण | |
| Group: | Group IV ((+)एसएसआरएनए) |
| अधिजगत: | वायरस (Virus) |
| जगत: | राइबोविरिया (Riboviria) |
| संघ: | अनिश्चित |
| गण: | नीडोविरालीस (Nidovirales) |
| कुल: | कोरोनाविरिडाए (Coronaviridae) |
| उपकुल: | ऑर्थोकोरोनाविरिनाए (Orthocoronavirinae) |
| वंश | |
| |
चीन के वूहान शहर से उत्पन्न होने वाला 2019 नोवेल कोरोनावायरसइसी समूह के वायरसों का एक उदहारण है, जिसका संक्रमण सन् 2019-20 काल में तेज़ी से उभरकर 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप के रूप में फैलता जा रहा है।हाल ही में WHO ने इसका नाम COVID-19 रखा।[7]
नामोत्पत्ति
लातीनी भाषा में "कोरोना" का अर्थ "मुकुट" होता है और इस वायरस के कणों के इर्द-गिर्द उभरे हुए कांटे जैसे ढाँचों से इलेक्ट्रान सूक्षमदर्शीमें मुकुट जैसा आकार दिखता है, जिस पर इसका नाम रखा गया था।
यह वायरस भी जानवरों से आया है। ज्यादातर लोग जो चीन शहर के केंद्र में स्थित हुआनन सीफ़ूड होलसेल मार्केट में खरीदारी के लिए आते हैं या फिर अक्सर काम करने वाले लोग जो जीवित या नव वध किए गए जानवरों को बेचते थे जो इस वायरस से संक्रमित थे।
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