SECL प्रबंधन सुराकछार अपने कलोनिवाशिओ को नहीं दे रहा है मुलभुत सुविधा कर रहा वंचित.......
बांकी मोंगरा... रशियन पद्धति से निर्मित सन 1964.65 के समय बनाया गया सुराकछार व बांकी मेन माइंस भूमिगत कोयला खदान का निर्माण किया गया था देखा जाय तो अब यह खदान पुराना हो चुकी है l
मेन हॉस्पिटल बाकी मोगरा के प्रांगण में बिछाए गए पत्थर की दुर्दशा
समय बदलता गया परिवर्तन होते गए अब इतना बदल गया है की क्षेत्र की विकास हुआ अपने कामगरो कि समृद्धि विकास खुशहाली के बारे में एसईसीएल प्रबंधन सोचना छोड़ दी है (भूल गए हैं)अपने कर्मचारियों के प्रति उनके हितों को सोचना अपने कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना अब इनकी SECL प्रबंधन सुराकछार की आदत सी बन गई है एसईसीएल प्रबंधन चाहे लाख वादे कर ले मगर कोई भी वादा पूरा नहीं हो सकता क्योंकि एसईसीएल प्रबंधन की आदत बन चुकी है अपने कर्मचारियों को झूठे आश्वासन देने की क्षेत्र की जनता भी एसईसीएल प्रबंधन सुराकछार के झूठे आश्वासन से त्रस्त हो चुके है l
हम बात करें क्षेत्र के विकास की तो विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जाता है SECL प्रबंधन के द्वारा l
एसईसीएल हॉस्पिटल पर बिछाया गया पत्थर
एसईसीएल के द्वारा निर्मित एसईसीएल मेन हॉस्पिटल पर दूर दराज से SECL कर्मी इलाज कराने अपना आते थे मगर अब यह हॉस्पिटल ना रहके एक क्लीनिक बन चुकी है यहां का हाल यह है कि सिर्फ सर्दी खांसी बुखार का ही इलाज हो पाता है अन्यथा रेफर कराकर कोरबा दीपका बिलासपुर अपोलो भेजा जाता है एसईसीएल प्रबंधन के पास सभी संसाधन होने के बावजूद भी एसईसीएल हॉस्पिटल को डिस्पेंसरी बनाकर रखा गया है हालांकि कुछ वर्ष पहले एसईसीएल प्रबंधन के द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को लाखों करोड़ों का काम देकर वाह वही तो लूटी थी मगर इसका नतीजा क्या हुआ आप SECL मेन हॉस्पिटल बांकी मोंगरा के बाहर लगे हुए पत्थरों की स्थिति को देखकर आप बता सकते हैं कि एसईसीएल प्रबंधन किस तरह लाचार है अपने वफादार ठेकेदारों के प्रति सूत्रों का माने तो यह सारा खेल कमीशन के ऊपर चलता है जो जितना ज्यादा कमीशन देगा एसईसीएल प्रबंधन उसी ठेकेदार को काम मुहैया कराती है कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि अपने चहेते ठेकेदारों से बिना वर्क आर्डर का भी काम कराया जाता है l
गार्डन मार्ग जर्जर सड़क
भले ही एसईसीएल प्रबंधन उस कार्य के लिए 2 महीना 3 महीनों के बाद वर्क आर्डर जारी करती है एसईसीएल के चहेते इंजीनियरों के द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को इस प्रकार का कार्य मुहैया कराती है
एसईसीएल प्रबंधन के द्वारा हाल ही में एसईसीएल हॉस्पिटल के पीछे साइड पर एक आइसोलेशन वार्ड बनवाया गया था जो देखा जाए तो लाखों रुपए खर्च करने के उपरांत भी उस आइसोलेशन वार्ड का कोई प्रयोग नहीं हो रहा है एसईसीएल प्रबंधन के इंजीनियरों के द्वारा सिर्फ अपने चहेते ठेकेदारों को बिना वर्क आर्डर के काम दे देती है l सुराकछार SECL प्रबंधन अपने चहेते ठेकेदारों को बैठाकर नहीं रखना चाहती है l
पूरी तरह से जर्जर सड़क
SECL समस्त क्षेत्र में बिजली सड़क पानी की समस्या बरकरार है देखा जाए तो बाकी मोगरा क्षेत्र पर सड़क और पानी की विकराल स्थिति देखने को मिल रही है एसईसीएल के बंद पड़े खदान के भीतर से बिना फिल्टर किए हुए पानी को अपने कालोनियों पर पानी की आपूर्ति एसईसीएल प्रबंधन स्वयं कराती है इनके पास कोई भी फिल्टर प्लांट उपलब्ध नहीं है जो दिन में सिर्फ एक बार पानी की आपूर्ति कॉलोनी वासियों की जाती हैl कभी-कभी तो यह भी देखने के लिए मिलता है कि पानी पूरी तरह से काला सप्लाई की जाती हैl
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