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*एसईसीएल प्रबंधन भुविस्थापितो को कर रही भ्रमित* *कुसमुंडा के 5 खातेदारों को रोजगार के लिए PAP के स्वीकृति को रोजगार देने का आदेश के रूप में प्रचारित किया जा रहा है ।*

*एसईसीएल प्रबंधन भुविस्थापितो को कर रही भ्रमित* 
*कुसमुंडा के 5 खातेदारों को रोजगार के लिए  PAP के स्वीकृति को रोजगार देने का आदेश के रूप में प्रचारित किया जा रहा है ।* 
ऊर्जाधानी भुविस्थापित किसान कल्याण समिति के जिला कोर कमेटी मेंबर गजेंद्र सिंह ठाकुर ने एसईसीएल प्रबंधन द्वारा भुविस्थापितो को गुमराह करने का आरोप लगाया है । उन्होंने बताया कि 1996 में कुसमुंडा परियोजना के लिए अर्जित भूमि के बदले नौकरी के लिए भिन्न भिन्न कारणों का हवाला देकर रोजगार प्रदान करने में बहाने बाजी किया जाता रहा है जिसके कारण यहां के भूविस्थापितो ने एक दो माह के अंतराल में कई बार खदान का उत्पादन ठप कर विरोध जताया था और कानूनी लड़ाई भी लड़ी जा रही है । प्रबंधन ने परेशान होकर मई महीने 5 लोंगो का प्रपोजल बनाकर एसईसीएल मुख्यालय भेजा था  । जिस पर बोर्ड ने जून महीने की बैठक में स्वीकृत लिया था और 17 जुलाई 2021 को महाप्रबंधक कुसमुंडा को कार्यालयीन आदेश जारी कर दिया गया है । किन्तु प्राप्त  जानकारी के अनुसार प्रबंधन द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि 5 खातेदारों को रोजगार मिल गया है जबकि पत्र में भूराजस्व विभाग द्वारा कार्मिक विभाग को विधिवत अग्रिम कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है ।जिसमे अभी कई अड़चने शेष है जिसके लिए भुविस्तापित परिवारों को सँघर्ष करना पड़ेगा । 
उन्होंने आगे बताया कि हमने अपने संगठन ऊर्जाधानी भुविस्थापित किसान कल्याण समिति के माध्यम से पुराने रोजगार के लंबित मामलों पर हर स्तर पर आवाज उठाई थी जिला पुनर्वास शमिति की बैठक में भी इस मुद्दे पर कार्यवाही नही होने पर मुखरता के साथ विरोध जताया था ।लंबित रोजगार के मामलों सहित 15 सूत्रीय मांगों पर विगत 8 जून को 8 घण्टे तक दीपका खदान को पूरी तरह से ठप्प करने के बाद 30 जून 2021 को आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता में एसईसीएल मुख्यालय के अधिकारियों के साथ साढ़े 5 घण्टे की मैराथन बैठक में केवल लंबित रोजगार के मामले पर डेढ़ घण्टे तक लंबी चर्चा किया गया था जिसमे एक माह के भीतर लंबित रोजगार के मामले पर कार्यवाही होने का आश्वसन दिया गया था । बैठक में उपस्थित भू राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कुसमुंडा के इन मामलों पर तुरन्त कार्यवाही का भरोसा दिलाया था । किन्तु जारी निर्देश को क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा रोजगार उपलब्ध कराना बताकर गुमराह कर रही है उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऊर्जाधानी सन्गठन को कमजोर करने के लिए प्रबंधन अन्य सन्गठन को सामने करके भ्रामक जानकारी फैलाने का कार्य कर रही है । हम इसका कड़ी निंदा करते हैं और भूविस्थापितो को किसी भी दलालों के झांसे में नही आने का अपील करते है । अन्यथा भूविस्थापितो का आंदोलन कमजोर होने का फायदा उठाकर प्रबंधन अपनी मनमानी करता रहेगा । 


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