*आज़ाद वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा आयोजित हयात चैरिटेबल एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा प्रस्तुत नई सभ्यता नए नमूने*
नाटक के लेखक डॉ शंकर शेष है इस अपने समाज के अनेक पहलुओं को उजागर करने का प्रयास किया है आजकल के नवयुवक जिन्होंने प्रेम को एक खिलवाड़ एवं व्यापार बना लिया है उसके लिए एक सबक दिया गया है व्यापार में बिक्री की गई सामग्री में मिलावट कर धनवान बनने जैसी अनेक पहलुओं को समझाने का प्रयास किया है धनवान बंद कर सभ्य दिखने की होड़ आज-कल समाज में बीमारी की तरह फैल रही है जिससे हम अपनी संस्कृति को छोड़ते जा रहे हैं और हम एक नई सभ्यता को पनपा रहे हैं खुद एक नमूने बनके रह गए हैं समाज को सभ्यता से जुड़े रहने के लिए एक अच्छा संदेश है नाटक में अर्पिता, अनामिका, अतुल, सुहैल, रंजीत, पुष्कर, आकि़ब ने सभी दर्शकों को खूब गुदगुदा नाटक मे म्यूजिक धीरेन्द्र, लाइट रहमान खान वा निर्देशन मोहम्मद फु़जै़ल ने किया
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