कोरबा/कटाईनार: अहिरन नदी सहित कटाईनार क्षेत्र में बने एनीकट (स्टॉप डैम) अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। इन डैमों में लंबे समय तक पानी रुकने के कारण पानी दूषित हो रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बदबू फैल रही है और लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पहले नदी का पानी निरंतर बहता रहता था, जिससे गंदगी जमा नहीं होती थी। लेकिन अब एनीकट बनने के बाद पानी एक जगह ठहर जा रहा है, जिसमें कचरा, गंदगी और सड़ांध जमा होने लगी है। खासकर कटाईनार क्षेत्र में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है, जहां पानी से तेज दुर्गंध उठ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस रुके हुए पानी के कारण मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों में बुखार, खांसी और त्वचा संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों में चिंता का माहौल है।
छात्रों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल आने-जाने के दौरान नदी और डैम के पास से गुजरते समय बदबू के कारण उन्हें परेशानी होती है। कई छात्रों ने बताया कि इससे उनका ध्यान पढ़ाई में भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एनीकट डैम की नियमित सफाई कराई जाए और पानी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। साथ ही, नदी में कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि स्थिति और खराब न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह इस ओर तुरंत ध्यान दे और आवश्यक कदम उठाए।
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