रायगढ़, छत्तीसगढ़
रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे में तीन बड़े खुलासे किए हैं। तमनार, लैलूंगा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई से एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
तमनार में 60 हजार से ज्यादा पौधे जब्त
19 मार्च 2026 को मुखबिर की सूचना पर तमनार क्षेत्र के आमाघाट में पुलिस ने छापेमारी की। यहां सब्जी की खेती की आड़ में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी।
कार्रवाई में 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मुख्य आरोपी मार्शल सांगा (झारखंड) को गिरफ्तार किया गया
पूरी फसल को उखाड़कर नष्ट किया गया
लैलूंगा के घटगांव में दूसरी कार्रवाई
23 मार्च को ड्रोन और फिजिकल सर्वे के दौरान लैलूंगा के नवीन घटगांव में भी अफीम की खेती पकड़ी गई।
आरोपी सादराम नाग (60 वर्ष) गिरफ्तार
खेत में साग-भाजी के बीच छुपाकर की जा रही थी खेती
इसके अलावा, अभिमन्यु नागवंशी के घर से सूखी अफीम भी बरामद हुई। पुलिस के पहुंचने पर वह सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रहा था, जिसे विफल कर दिया गया।
मुड़ागांव में भी मिला सुराग
जांच के दौरान मुड़ागांव में भी संदिग्ध खेती के प्रमाण मिले हैं।
आरोपी तानसिंह नागवंशी से पूछताछ जारी
घर से सूखी फसल और अवशेष जब्त
फोरेंसिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ड्रोन सर्वे से प्रशासन की सख्ती
जिले में अवैध खेती रोकने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर
पर ड्रोन सर्वे शुरू किया है।
खरसिया – 14 गांव
घरघोड़ा – 10 गांव
तमनार – 12 गांव
रायगढ़ – 11 गांव
पुसौर – 13 गांव
धरमजयगढ़ – 7 गांव
ड्रोन तकनीक से दुर्गम क्षेत्रों में भी निगरानी आसान हो गई है।
प्रशासन की चेतावनी
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती गंभीर अपराध है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे भी सघन जांच और कार्रवाई जारी रहेगी आम जनता से सूचना देने की अपील।
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