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कमलेश पालिया की खबर
कनकी :- वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) की वज़ह से देश सहित पूरी दुनिया की हर व्यवस्था चरमरा सी गई है, इसका सबसे ज्यादा बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है । काफी लंबे समय से स्कूल बन्द है, इस स्थिति को ध्यान में रखकर शिक्षा विभाग, एससीईआरटी रायपुर द्वारा नित नए प्रयोग किये जा रहे हैं । इस तरह के नवाचार प्रयोग करने में शिक्षक भी पीछे नही हैं।
इसी तरह की एक शिक्षा व्यवस्था विकासखंड करतला अंतर्गत कथरीमाल संकुल के पहले डिजिटल स्कूल शासकीय प्राथमिक शाला बैगापाली में संकुल समन्वयक श्री राजेन्द्र कुमार राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्राथमिक शाला बैगापाली में पदस्थ शिक्षक श्री नरेन्द्र प्रताप राठौर,धनीराम राठौर व शाला के भूतपूर्व विद्यार्थियों (शिक्षा मित्र) कु. अन्नपूर्णा, रंजीता, हिना, हर्षा, रोहन ऋषभ, तरुण आदि ने मिलकर गाँव के श्री काशी दास जी के मकान में जन सहयोग से प्राप्त प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑनलाइन मुहल्ला डिजिटल स्कूल का शुरुआत किया गया है । ज्ञात हो जैसे ही विद्यालय को जन सहयोग से प्रोजेक्टर मिला, शाला में डिजिटल क्लास का शुरुआत किया गया, उसके कुछ दिनों के बाद पूरे देश मे कोरोना संक्रमण के चलते पूर्ण लॉक डाउन लग गया। आज उसी प्रोजेक्टर का उपयोग बच्चों को मुहल्ला क्लास में पढ़ाने में हो रहा है। शिक्षक श्री राठौर व शिक्षा मित्रों ने मोबाइल को प्रोजेक्टर से कनेक्ट करके घर से बच्चों को आसानी से ऑनलाइन पढ़ा रहे है। जब नेटवर्क समस्या या मौसम खराब होती हैं तब पेनड्राइव में डाले गए कक्षा अनुसार पाठ्य सामग्री को चलाकर आसानी से पढ़ाई कराया जा रहा प्रोजेक्टर को कैसे ऑपरेट करें व सोशल डिस्टेंसिग कैसे अपनाए, सुरक्षा मानकों का किस तरह से पालन करें इसकी पर्याप्त जानकारी शिक्षक,शिक्षा मित्रों व समुदाय के सहयोग से विद्यार्थियों को दिया गया है। इस तरह से ऐसे पढ़ाई व्यवस्था के लिये शाला समिति के अध्यक्ष श्री प्रकाश दास, ग्रामीण श्री तुलसीदास, चुन्नी दास जी आदि ने पढ़ाई के लिए और भी सामाजिक सहयोग देने की बात कही है । सब ने एक स्वर में शिक्षा मित्रों के कार्यों को सराहा और कहा कि विद्या ही एक ऐसा धन है जिसे जितना खर्च करे उतना ही बढ़ते जाता है।
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