*14 दिसम्बर के देशव्यापी किसान आंदोलन को माकपा का समर्थन*
*कल घंटाघर के प्रदर्शन में शामिल होगी माकपा*
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सहित सभी वामपंथी पार्टियों ने किसान विरोधी कानूनों और बिजली संशोधन विधेयक के खिलाफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा चलाये जा रहे देशव्यापी किसान आंदोलन का समर्थन किया है और कहा है कि मोदी सरकार को संसद में अलोकतांत्रिक ढंग से पारित कराए गए किसान विरोधी कानूनों को तुरंत वापस लेना चाहिए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने का और किसानों की कर्ज़ मुक्ति का कानून बनाना चाहिए। माकपा ने किसान संगठनों द्वारा आहूत दिल्ली चलो अभियान का समर्थन करते हुए और 14 दिसम्बर को ट्रेड यूनियन के संयुक्त आह्वान पर घंटाघर में होने वाले प्रदर्शन में माकपा शामिल होने की घोषणा करते हुए आम जनता के सभी तबकों से एकजुटता की कार्यवाही करने की भी अपील की है।
पिछले एक पखवाड़े से देश के अन्नदाताओं द्वारा चलाया जा रहा शांतिपूर्ण आंदोलन प्रेरणास्पद है, जबकि सरकार ने लाठी-गोलियों और पानी की मारक बौछारों के साथ उनका दमन करने की कोशिश की है। इस आंदोलन में अभी तक छह से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं। सरकार को अब किसानों के सब्र की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।
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