*ऑनलाइन राष्ट्रीय शतरंज चयन स्पर्धा अंडर 10 ओपन केटेगरी में कोरबा के प्रभमन का यशश्वी प्रदर्शन*
@फीडे इंस्ट्रक्टर एवं आर्बिटर रोहित यादव की रिपोर्ट
ऑल इंडिया चेस फेडरेशन द्वारा
विभिन्न आयु वर्ग की ऑनलाइन राष्ट्रीय शतरंज स्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमे प्रदेश के बहुत से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, सबसे रोचक बात छत्तीसगढ़ के लिए ये रही कि अंडर 10 ओपन कैटेगरी में प्रदेश के प्रभमन सिंह मल्होत्रा ने 11 मुकाबलों में सात जीत, दो ड्रॉ,और दो हार के साथ 11 में से 8 अंक हासिल किए ,अंतिम दो मुकाबले हार जाने के कारण वो भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके ,लेकिन उनके खेल ने सभी का दिल जीत लिया
प्रभमन ने पहले मुकाबले में श्लोक मलिक ( महाराष्ट्र) को
स्कॉच गैंबिट से खेली गई बाजी में मात दी,इसमें प्रभमान शुरू से ही अपने प्रतिद्वंदी पर हावी रहे, और 18 चाल के बाद विरोधी के राजा की तरफ आक्रमण शुरू कर दिया और अंत में 61 चालो में जीत दर्ज की,
दूसरे मैच में प्रभमन काले मोहरों से मथेश कुमार ( पुडुचेरी) के विरुद्ध खेल रहे थे,
ई 4 के जवाब में प्रभमन ने डी 5 स्कैंडिनेवियन डिफेंश से शुरुवात की ,मैच में 15 चाल में प्रभमन से एक गलती हो गई जिसके कारण उनका राजा थोड़ा कमजोर हो गया था ,लेकिन बाद में विरोधी ने भी 30वी चाल में गलती कर दी,इस प्रकार वो गेम में वापस आ गए एवम् अंत में जीत हासिल की,
तीसरे मैच में प्रभमन ने सफेद मोहरों से अपने विरोधी साई दर्शित के सामने लंदन सिस्टम से शुरुवात की एवम् 13 वी चाल में एक शानदार तालमेल के साथ बढ़त हासिल कर ली,और अंत में 49 चाल में मैच जीत लिया,
चौथी बाजी में साई सिवा( आंध्र प्रदेश) थे,
इस मैच की खास बात ये रही,
काले मोहरों से खेलते हुए प्रभमान ने मात की एक बहुत ही पुरानी पद्धति ग्रेकोश मेट दिखाया ,जिसको बचाते हुए विरोधी को अपना हाथी देना पड़ा,इस बढ़त को बाद में प्रभमान ने जीत में बदल दिया,
पांचवा मैच अपने से कही जादा रेटिंग वाले (प्रथमेश शाह 1591 रेटिंग)से खेल रहे प्रभमन सफेद मोहरों के साथ अपना फेमस लंदन सिस्टम ओपनिंग इस्तेमाल करते है ,दोनो खिलाड़ी सटीक चाले चलते हुए आगे बड़ते है, हाथी के अंत खेल में प्रभमन दो प्यादो की बढ़त बना चुके थे,जो निर्णायक होता,लेकिन समय की कमी के कारण प्रभमन ड्रॉ के लिए सहमत हो गए,
छटवे मैच को प्रभमान ने श्रवण से मात्र 24 चलो में जीत लिया
सातवे मैच में प्रभमन के सामने सफेद मोहरों से जयवर्धन (1590 रेटिंग) खेल रहे थे,ये मैच बहुत ज्यादा कठिन था,
क्वीन पॉन गेम से ओपनिंग के बाद दोनो ही अंत खेल तक गेम को ले गए और वहा पर ड्रॉ पर सहमत हुए,
आठवां और नवा मैच प्रभमन बहुत आसानी से जीत गए
अभी उनका स्कोर 9 मैच में 8 प्वाइंट था,
उन्होंने अब तक कोई भी मैच नहीं गवाया था,
लेकिन दुर्भाग्य से आगे के दो मैच
वो हार गए ,10वे मैच में विवान (महाराष्ट्र )के विरुद्ध शुरुवात में हुई गलती के कारण मैच हार गए ,इसमें विवान का उट प्रभमान पर हावी हो गया ,जिसके कारण विरोधी को बढ़त मिल गई जो जीत में बदल गई।
लास्ट मैच में वो सफेद मोहरों से खेल रहे थे,और काले मोहरों से 1572 रेटिंग के साथ ज्वाल पटेल (गुजरात ) खेल रहे थे, प्रभमन जीत लगभग निश्चित कर चुके थे,लेकिन 33 वे चाल में हुई गलती ने प्रभमन को मैच छोड़ने पर मजबूर कर दिया,
और इस प्रकार जीता हुआ मैच हाथ से चला गया,
1, श्लोक मलिक (महाराष्ट्र)विरूद्ध जीत।
2, मधेस कुमार (पुडुचेरी)विरुद्ध जीत
3, साई दर्शित विरुद्ध जीत
4, सिवा साई(आंध्र प्रदेश) विरुद्ध जीत
5, शेरला (महाराष्ट्र) विरूद्ध ड्रॉ
6श्रवण (तेलंगाना) विरूद्ध जीत
7 जयवर्धन(महाराष्ट्र) विरूद्ध ड्रॉ
8अब्दुल खादेर(कर्नाटक) विरुद्ध जीत
9अधिराज (झारखंड) विरूद्ध जीत
10,विवान(महाराष्ट्र) विरूद्ध हार
11, ज्वाल पटेल(गुजरात) विरुद्ध हार
रायपुर के प्रख्यात कोच एवं ऑनलाइन राष्ट्रीय शतरंज चयन स्पर्धा में आर्बिटर के दायित्व का निर्वहन कर चुके रविकुमार ने प्रभमन द्वारा हारी हुई आखरी बाजी का विश्लेषण करते हुए कहा कि प्रभमन अपने विरोधी पर इस मैच में भी भारी था किंतु समयाभाव के कारण जल्दबाजी में सटीक गणना न कर पाने की वजह से हुई चूक ने मंजिल पाने से उन्हें एक कदम दूर कर दी।
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