भारत मे टिक टॉक बैन होने के बाद इसके यूजर्स काफी निराश हो गए थे। जिसके बाद भारत मे स्नेक,रोपोसो के अलावा इसी तरह के कई एप्स लॉन्च हुए, पर टिक टॉक की जगह नही ले पाए,जिससे टिक टॉक के बंद होने से दुखी यूजर्स का दिन ही नही कट रहा था। इसी बीच टिक टॉक के दीवानों के लिए एक बड़ी खुश खबरी है। गौरतलब है कि भारत के बाद अमेरिका में टिकटॉक बैन होने वाला था लेकिन कंपनी ने अमेरिका के आगे घुटने टेक दिए हैं। वही अब अमेरिका में टिकटॉक बैन नहीं होगा। और अमेरिका के बाद टिकटॉक जल्द ही भारत में वापसी करने तैयार है।
आपको बता दें कि टिकटॉक और माइक्रोसॉफ्ट के साथ बातचीत आखिरी चरण में है यानी अमेरिका में टिकटॉक के कारोबार को अब माइक्रोसॉफ्ट ही देखेगी और माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर पर ही टिकटॉक यूजर्स का डाटा स्टोर होगा। अमेरिकी टिकटॉक यूजर्स के डाटा की पूरी जिम्मेदारी माइक्रोसॉफ्ट की होगी। रिपोर्ट के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक को पांच बिलियन डॉलर्स में खरीद सकता है।
शुरुआती तौर पर तो माइक्रोसॉफ्ट, टिकटॉक के सिर्फ अमेरिकी बिजनेस हैंडल करेगी लेकिन यह संभव है कि भारतीय बाजार की जिम्मेदारी भी माइक्रोसॉफ्ट को ही दी जाए और यदि ऐसा होता है तो भारत में टिकटॉक की वापसी तय है, क्योंकि सरकार को चीनी सरकार के पास यूजर्स का डाटा जाने था जो कि माइक्रोसॉफ्ट के साथ शायद ही रहेगा।
माइक्रोसॉफ्ट के किसी एप को लेकर भारत में अभी तक विवाद नहीं हुआ है। टिकटॉक के साथ इस डील के बाद माइक्रोसॉफ्ट अपने भरोसे पर भारत में टिकटॉक की वापसी करा सकता है। यदि टिकटॉक की वापसी होती है तो भारतीय शॉर्ट वीडियो एप्स की मुसीबत बढ़ जाएगी।
कुछ दिन पहले ही एक रिपोर्ट आई थी कि चीन से नाता तोड़ने और प्रतिबंध से बचने के लिए टिकटॉक लंदन में अपना मुख्यालय बना रहा है। हाल ही में टिकटॉक ने डिज्नी के केविन मेयर को अपना सीईओ नियुक्त किया है। केविन पर टिकटॉक समेत बाइट्डांस के कई सारे एप्स की जिम्मेदारी है।
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